Rescue boat संचालन
Rescue boat संचालन में भारत-केंद्रित नोटिस, दस्तावेज़, गणना और अनुपालन-जाल से जुड़े अभ्यास प्रश्न शामिल हैं.
STCW PSCRB कैसे पढ़ें
Survival-craft person-in-charge की तरह अभ्यास करें: DGS e-learning, Course ID 6211, INDoS/MTI checks, muster list कर्तव्य, abandon-ship command, lifeboat/liferaft launching, davits और release gear, rescue-boat recovery, engine और steering, VHF/SART/EPIRB/pyrotechnics, SAR coordination, hypothermia first aid, अभ्यास अभिलेख, maintenance और प्रमाणपत्र control को जोड़कर पढ़ें.
मुख्य अवधारणाएं
अवधारणा १
शॉर्टकट चुनने से पहले लागू भारतीय स्रोत पहचानें.
अवधारणा २
भूमिका, दस्तावेज़, गणना और आधिकारिक प्रक्रिया को मिलाकर देखें.
लक्षित अध्ययन खंड
अभ्यास केंद्र
Rescue boat संचालन
Rescue boat संचालन में भारत-केंद्रित नोटिस, दस्तावेज़, गणना और अनुपालन-जाल से जुड़े अभ्यास प्रश्न शामिल हैं.
जोखिम और सुरक्षा संकेत
विदेशी या सामान्य परीक्षा नियम को अपने-आप लागू न करें.
सुरक्षा संकेत: सामान्य या विदेशी परीक्षा की धारणा अपने-आप लागू न करें.
अभिलेख, नोटिस या प्रमाणपत्र-जीवनचक्र का चरण न छोड़ें.
सुरक्षा संकेत: सामान्य या विदेशी परीक्षा की धारणा अपने-आप लागू न करें.
स्मृति आधार
Rescue boat संचालन
स्रोत, तथ्य, गणना, अभिलेख और भूमिका-सीमा एक-दूसरे से मेल खाने चाहिए.
जांच नियम
जांच तभी करें जब आप हर अवधारणा को एक वाक्य में समझा सकें और याद से एक खतरनाक गलती पहचान सकें।
ज्ञान जांच (पढ़ने के बाद)
इस मॉड्यूल की समझ पक्की करने के लिए छोटी जांच।
जांच प्रश्न
पारादीप के पास Man Overboard simulation के दौरान rescue boat crew launch की तैयारी कर रहा है। boat छोड़ने से पहले कौन-सा operational point confirm करना सबसे महत्वपूर्ण है?
कोच्चि के पास exercise के दौरान moderate swell में rescue boat survivors के पास पहुंच रही है। सबसे सुरक्षित boat-handling approach क्या है?
जमा करने के लिए सभी प्रश्नों का उत्तर दें।
अगला कदम व्यक्तिगत सुझाव
आगे पढ़ें
यह मॉड्यूल स्थिर होने के बाद ही आगे बढ़ें।
Pass Harbor क्या है?
भारत की १४२ परीक्षाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क तैयारी।
- अभ्यास प्रश्न
- फ्लैशकार्ड
- स्टडी गाइड
- मॉक टेस्ट
- रजिस्ट्रेशन नहीं
- पेवॉल नहीं
- तुरंत शुरू करें
“अब महंगी परीक्षा तैयारी नहीं। बेहतर अध्ययन सामग्री सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए।”
